विशेष उभरते हुए युवा कवि हैं. इधर उन्होंने अपनी कविताओं के विषय और उनमें मौज़ूद विविधता से लगातार ध्यान खींचा है और संभावना के नए स्वर के रूप में उभरे हैं. विस्थापन, महानगर का अकेलापन और युवा सपनों के कई आयाम इनकी कविताओं में मिलते हैं. समकालीन लेखन को ध्यान से पढ़ते हुए उनके अंदर अपनी ख़ुद की जमीन और शैली तलाशने की ललक भी दिखाई देती है और यही चाह उन्हें भविष्य की नयी आवाज़ के रूप में भी गढ़ेगी. आइए 2019 की शुरुआत इस नयी कलम को पढ़कर करें क्योंकि 'एक बेशकीमती दिन बचा रहता है कल के आने तक'.